Bihar traffic Reform: पटना जंक्शन के बाहर बनेगा आधुनिक ट्रैफिक कमांड सेंटर, बिहार को मिलेगा पहला ट्रैफिक ट्रेनिंग संस्थान
बिहार में पहले कोई भी ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम नहीं था जिसके वजह से बिहार के सभी शहरों और राजधानी में जाम का सामना करता पड़ता था. लेकिन अब बदलते बिहार के साथ अब बिहार में ट्रैफिक रिफार्म किया जा रहा हैं और जिससे जाम से निजात मिल सके.
बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी
अब बिहार की यातायात व्यवस्था बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है. बिहार राज्य के उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पटना जंक्शन के बाहर हाई-टेक ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही, इतिहास में पहली बार बिहार को पहली बार एक आधुनिक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी मिलने जा रहा है, जो दिल्ली और मुंबई के मॉडल पर आधारित होगा.
यह कदम राजधानी पटना समेत पूरे राज्य की ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.
पटना जंक्शन के पास बनेगा हाई-टेक ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर
हम आपको बता दे कि पटना जंक्शन के बाहर हमेशा बहुत ही जाम लगता हैं और ये वर्षों से चल रहा हैं. पटना जंक्शन के आसपास लगने वाला जाम लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण रहा है. इसे नियंत्रित करने के लिए अब पहली बार जंक्शन के बाहर ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा.
यह सेंटर आधुनिक कैमरा सिस्टम, लाइव मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट से लैस होगा, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी.
उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए बड़े फैसले
पटना में पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक अहम बैठक में ट्रैफिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इस बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने की.
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय पटना जंक्शन के बाहर ट्रैफिक कमांड सेंटर की स्थापना और राज्य में पहली बार ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाने का रहा.
बिहार को मिलेगा पहला आधुनिक ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
बिहार में पहली बार एक विशेष ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा. इस संस्थान में सिपाही से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को प्रोफेशनल ट्रैफिक मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी.
यह संस्थान दिल्ली और मुंबई के आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल पर तैयार किया जाएगा, जिससे बिहार की ट्रैफिक पुलिस को नई तकनीक और आधुनिक तरीकों की जानकारी मिल सके.
कैसी होगी ट्रेनिंग व्यवस्था?
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के अनुसार, इस इंस्टीट्यूट के लिए पटना या उसके आसपास जमीन चिह्नित की जा रही है. यहां एक सप्ताह से लेकर छह महीने तक के अलग-अलग प्रशिक्षण कोर्स शुरू किए जाएंगे.
ट्रेनिंग को बेसिक, रिफ्रेशर और स्पेशल कोर्स में बांटा जाएगा. जरूरत पड़ने पर देश-विदेश के ट्रैफिक विशेषज्ञों को भी बुलाया जाएगा.
बिहार के रास्तों पर आधारित होगा खास ट्रैफिक मॉड्यूल
इस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की एक बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें बिहार की सड़कों के अनुसार विशेष ट्रैफिक मॉड्यूल तैयार किया जाएगा. पटना जंक्शन से दानापुर तक के मार्गों समेत राज्य के प्रमुख रूट्स की पूरी मैपिंग की जाएगी.
इससे जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा.
सीसीटीवी से होगी निगरानी, अवैध पार्किंग पर सख्ती
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायतों और शहरी निकायों के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अवैध पार्किंग हटाने के लिए प्राइवेट क्रेन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि सड़कों पर जाम की समस्या को कम किया जा सके.
जागरूकता अभियान से बदलेगी ट्रैफिक कल्चर
सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर ट्रैफिक नियमों को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है. उद्देश्य है कि लोग खुद नियमों का पालन करें और ट्रैफिक सिस्टम बेहतर बने.
पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
पटना जंक्शन के बाहर प्रस्तावित ट्रैफिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाएगा. वहीं, ट्रैफिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से पूरे बिहार में यातायात पुलिस की कार्यक्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.