8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग से बेसिक सैलरी ₹45 हजार तक बढ़ने की उम्मीद

8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल संभव, बेसिक पे ₹45 हजार तक पहुंचने की उम्मीद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की शर्तों और कार्यक्षेत्र (Terms of Reference-TOR) को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश के करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ गई है। आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन को संशोधित किया जाता है। किसी भी वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई सैलरी तय करने में इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा हुआ था।

8वें वेतन आयोग में क्या है कर्मचारियों की मांग?

कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर को 3 से 5 तक बढ़ाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धि की जरूरत है।

हालांकि पेंशन और वेतन मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपेक्षाकृत कम फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है।

बेसिक सैलरी ₹45 हजार तक पहुंच सकती है

अगर सरकार मौजूदा 2.57 फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.0 कर देती है, तो एंट्री लेवल कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹15,000 है, तो फिटमेंट फैक्टर 3 लागू होने की स्थिति में यह बढ़कर ₹45,000 तक पहुंच सकती है। इससे कर्मचारियों की इनहैंड सैलरी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग न्यूनतम वेतन तय करने के फार्मूले में बदलाव कर सकता है। परिवार की उपभोग इकाइयों (Consumption Units) की संख्या बढ़ाने और 2.64 के आसपास फिटमेंट फैक्टर तय करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

7वें वेतन आयोग में कितना हुआ था फायदा?

7वें केंद्रीय वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया था। वहीं नई भर्ती वाले ग्रुप-ए अधिकारियों की शुरुआती सैलरी ₹56,100 निर्धारित की गई थी।

इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों और पेंशनर्स को कुल मिलाकर लगभग 14.29 प्रतिशत तक का लाभ मिला था।

राज्यों का दौरा कर रही है आयोग की टीम

8वें वेतन आयोग की टीम फिलहाल विभिन्न राज्यों का दौरा कर रही है। आयोग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव और मांगें प्राप्त कर रहा है।

यूनियनों ने मुख्य रूप से वेतन वृद्धि, पेंशन सुधार और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में बढ़ोतरी की मांग की है।

कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के TOR को मंजूरी दी थी। आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। इसके बाद सभी सुझावों और मांगों की समीक्षा कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

जानकारों का मानना है कि आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सरकार को सौंप सकता है। रिपोर्ट लागू होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर (बकाया राशि) का भी लाभ मिल सकता है।

वेतन आयोग क्या होता है?

वेतन आयोग केंद्र सरकार द्वारा गठित एक विशेष पैनल होता है, जो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करता है।

आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग गठित किया जाता है, ताकि महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार कर्मचारियों के वेतन ढांचे में जरूरी बदलाव किए जा सकें।

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