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Rajasthan Aapki Beti Yojana:छात्राओं के खाते में आएंगे 2500 रुपये, बस करना होगा ये काम

आपकी बेटी योजना

आपकी बेटी योजना

Rajasthan Aapki Beti Yojana

राजस्थान की छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने आपकी बेटी योजना को इस साल और ज्यादा सुव्यवस्थित तरीके से लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद देना है। जिन लड़कियों के माता-पिता नहीं हैं या जिनका परिवार गरीबी रेखा से नीचे आता है, उन्हें सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार जल्द ही यह राशि छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकती है।

आपको बताना चाहता हु की हमारे देश की सरकार चाहे वो सेंट्रल गवर्नमेंट हो या स्टेट गवर्नमेंट, दोनों ही सरकार अच्छे से काम कर रहे हैं. हम आज राजस्थान सरकार के बारे में बात करेंगे. राजस्थान के सरकार ने अपने राज्य के गरीब बच्चों के लिए एक स्कीम निकले हैं. ये स्कीम उन गरीब बच्चों के लिए हैं जो सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और वो गरीब हैं. ये स्कीम उन सभी बच्चों के लिए हैं जिनके माता पिता नहीं हैं या दोनों में से कोई एक नहीं हैं. योजना का लाभ केवल राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा.

इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए स्टूडेंट को कुछ नहीं करना होगा, बल्कि स्कूल को सभी स्टूडेंट्स के डाटा को ऑनलाइन अपलोड करना होगा.

किन छात्राओं को मिलेगा फायदा?

योजना का लाभ केवल राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा।

वे छात्राएं जिनके माता-पिता दोनों या किसी एक का निधन हो चुका है.

बीपीएल श्रेणी से आने वाली छात्राएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं.

इतना मिलेगा राशि ?

कक्षा 1 से 8 तक की छात्राओं को 2100 रुपये.

कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं के खाते में 2500 रुपये डाले जाएंगे.

यह राशि जन आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर होगी.

आवेदन करने की अंतिम तिथि

शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को 25 नवंबर तक अपनी छात्राओं का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद 30 नवंबर तक शिक्षा निदेशालय सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेगा। संभावना है कि सत्यापन के बाद दिसंबर के आखिरी सप्ताह में या नए साल की शुरुआत में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी.

योजना के बारे में विवरण

“Aapki Beti Yojana” योजना राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं की शिक्षा को जारी रखने में सहायता देना है।

इस योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक की उन छात्राओं को प्रति वर्ष 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है जो बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से हैं और जिनके माता-पिता में से एक या दोनों का निधन हो चुका है।

कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाली ऐसी छात्राओं को प्रति वर्ष 2,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

इस योजना का संचालन राजस्थान बालिका शिक्षा फाउंडेशन द्वारा किया जाता है।

योग्यता

आवेदक राजस्थान का निवासी होना चाहिए।

आवेदक एक बालिका छात्रा हो।

आवेदक राजस्थान के सरकारी स्कूल में अध्ययनरत हो।

आवेदक कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ रही हो।

आवेदक का परिवार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में आता हो।

आवेदक के एक या दोनों माता-पिता का निधन हो चुका हो।

आवश्यक दस्तावेज़

आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदक का पहचान पत्र

शैक्षणिक प्रमाणपत्र

बीपीएल प्रमाणपत्र

माता-पिता में से किसी एक या दोनों का मृत्यु प्रमाणपत्र

जन आधार कार्ड (परिवार प्रमुख या बालिका का)

जन आधार से लिंक बैंक खाता पासबुक

आवश्यक होने पर अन्य दस्तावेज

आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ पाने के लिए छात्रा के माता-पिता या अभिभावकों को अपने संबंधित सरकारी स्कूल से संपर्क करना होगा।

शाला दर्पण पोर्टल पर डेटा एंट्री:

स्कूल प्रशासन Shala Darpan School Login के माध्यम से पोर्टल में लॉगिन करता है।

Student” टैब में जाकर Form-9 में आवश्यक विवरण भरे जाते हैं।

पात्र छात्राओं की श्रेणी चयन:

Mandatory Student Information for Beneficiary Schemes सेक्शन में जाकर कक्षा के अनुसार पात्र छात्राओं का चयन किया जाता है।

इनमें “BPL” और “Orphan/Single Parent” (अनाथ/एकल अभिभावक) श्रेणियों को चुना जाता है।

लाभार्थी अनुमोदन:

स्कूल लॉगिन से Beneficiary Scheme Portal पर जाएं।

संबंधित योजना चुनें और पात्र छात्राओं की सूची को स्वीकृत कर लॉक करें।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा सत्यापन:

स्कूल द्वारा लॉक किया गया डेटा DEO (प्राथमिक/माध्यमिक) ऑफिस लॉगिन पर दिखता है।

DEO ओटीपी आधारित प्रक्रिया से अंतिम सत्यापन पूरा करता है।

जन आधार सत्यापन:

जमा करने से पहले यह सुनिश्चित होना जरूरी है कि छात्रा का जन आधार शाला दर्पण पोर्टल पर सत्यापित हो, क्योंकि राशि DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।

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