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Mukhyamantri Work From Home Yojana: महिलाओ को घर बैठे मिल रहा हैं काम, अभी करे आवेदन

महिलाओ को घर बैठे मिल रहा हैं काम मिलती हैं इतनी सैलरी, अभी करे आवेदन

महिलाओ को घर बैठे मिल रहा हैं काम मिलती हैं इतनी सैलरी, अभी करे आवेदन

Mukhyamantri Work from Home Yojana

एक ऐसा योजना जो की महिलाओ के लिए हैं और सबसे बड़ी बात की सभी महिलाओं के अब घर बैठे काम मिलेगा, और साथ में अच्छा सैलरी भी. मैं जिस योजना का बात कर रहा हूँ उसका नाम हैं मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना (Mukhyamantri Work From Home Yojana- Job Yojana). ये योजना राजस्थान सरकार चला रही हैं और अपने राज्य के महिलाओ के लिए ये योजना चलाया हैं. महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये योजना बनया गया.

‘मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना 2025’, जिसे महिलाओं से अब तक सबसे तेज़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. यह योजना उन सभी महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है, जो घरेलू जिम्मेदारियों, सामाजिक बंधनों या परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण घर से बाहर जाकर नौकरी नहीं कर पाती थीं.

जो महिलाओं घर से बाहर नहीं निकल पाती थी या घरेलु काम काज में उलझ जाती थी या गाँव में रहती थी, अब वो महिलाएं घर बैठे काम कर रही हैं और ₹10,000 से ₹25,000 रुपये तक और उस से कही ज्यादा भी कमा के खुद को आर्थिक मजबूत बना रही रही हैं

राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत होता डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकता है।

इस योजना के तहत महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक कार्य वातावरण भी मिलता है, जहां वे अपने समय और परिस्थितियों के अनुसार काम कर सकती हैं। डिजिटल स्किल इकोसिस्टम के साथ यह पहल मिलकर राजस्थान में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में हजारों महिलाओं ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि घर से काम करने का विकल्प आज भी महिलाओं की एक बड़ी जरूरत है।

इस योजना का उद्देश्य क्या हैं?

राजस्थान में बड़ी संख्या में महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के चलते पेशेवर क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पातीं. ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जहां पारिवारिक प्रतिबंध, सुरक्षित परिवहन की कमी और सीमित रोजगार अवसर महिलाओं को पीछे धकेल देते हैं. सरकार का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम योजना इसी अंतर को कम करने के उद्देश्य से लाई गई है, ताकि महिलाएं अपने कौशल के अनुसार आय अर्जित कर सकें.

इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसमें केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है. डेटा मैनेजमेंट, कंटेंट राइटिंग, टेक्निकल सपोर्ट जैसे कार्यों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे महिलाएं डिजिटल कार्य संस्कृति से जुड़ सकें. महिला सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त आयुक्त डॉ. आरती वर्मा के अनुसार, “यह योजना केवल नौकरी का विकल्प नहीं है, बल्कि महिलाओं को नए युग की कार्य प्रणाली से जोड़ने का माध्यम भी है।”

किन महिलाओं को मिल रहा है लाभ?

सरकार इस योजना में उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जो किसी कारणवश मुख्यधारा के रोजगार से दूर रही हैं. इनमें विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और हिंसा प्रभावित महिलाएं शामिल हैं। यह वर्ग सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करता है, ऐसे में घर बैठे आय का अवसर उनके लिए स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है.

इसके साथ ही दिव्यांग महिलाओं को भी विशेष वरीयता दी जा रही है। डिजिटल कार्यों में शारीरिक श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे वे अपनी क्षमताओं के अनुसार काम कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल प्रभावी ढंग से लागू होता रहा, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान महिलाओं के डिजिटल रोजगार का अग्रणी राज्य बन सकता है.

कौन-कौन से काम मिल रहे हैं?

योजना के अंतर्गत महिलाओं की योग्यता और कौशल के आधार पर विभिन्न प्रकार के कार्य उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं—

डेटा एंट्री

कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग

ग्राफिक डिजाइनिंग

कस्टमर सपोर्ट

वर्चुअल असिस्टेंट

ऑनलाइन ऑफिस सपोर्ट

कई महिलाएं, जिन्होंने पहले कभी कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग नहीं किया था, अब डिजिटल कार्यों में दक्ष हो चुकी हैं। यह बदलाव इस बात का उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर महिलाएं किस तरह अपनी भूमिका और पहचान बदल सकती हैं.

योजना से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, कई महिलाएं हर महीने ₹10,000 से ₹25,000 रुपये तक और उस से कही ज्यादा भी  कमा रही हैं.

कौन सा डॉक्यूमेंट चाहिए?

आवेदन के लिए महिलाओं को केवल

आधार से लिंक मोबाइल नंबर

जन आधार कार्ड

पहचान पत्र

(यदि उपलब्ध हो) कौशल या अनुभव प्रमाणपत्र देना होता है. सरकार डिजिटल सत्यापन को प्राथमिकता दे रही है, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनी रहे.

भविष्य में क्या होंगे नए अवसर?

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम मॉडल भविष्य में महिला रोजगार के लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। आने वाले समय में योजना के अंतर्गत सोशल मीडिया मैनेजमेंट, ऑनलाइन बुककीपिंग, ई-कॉमर्स सपोर्ट और एडवांस्ड डिजाइनिंग जैसे कार्य भी जोड़े जा सकते हैं, जिससे महिलाओं को उच्च आय वाले अवसर मिल सकेंगे।

सरकार उन जिलों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां महिलाओं की श्रम भागीदारी दर अभी कम है। यदि यह योजना लंबे समय तक प्रभावी बनी रहती है, तो यह राजस्थान के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आवेदन के लिए महिलाओं को आधिकारिक वेबसाइट mahilawfh.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनबोर्डिंग पर क्लिक करना होगा उसके बाद एक नया पेज खुलेगा उसके बाद आपको अपना प्रोफाइल बनानी होती है.

नया पंजीकरण जन आधार और आधार नंबर से किया जाता है

OTP के माध्यम से सत्यापन होता है

फॉर्म भरने के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है

इसके बाद महिलाएं अपनी योग्यता के अनुसार उपलब्ध कार्यों के लिए आवेदन कर सकती हैं। कई जिलों में हेल्पडेस्क और प्रशिक्षण केंद्र भी बनाए गए हैं, जो आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करते हैं.

डिस्क्लेमर

यह Article सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अपडेट के आधार पर तैयार किया गया है. पाठकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन या किसी अंतिम निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें.

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